की जो अंत का जो अंत हुआ क्या वो ही मेरा अंत हुआ मेरे सपनो का जो अंत हुआ क्या वो ही मेरा अंत हुआ अंत को जो अंत कहो तुम किसने तुम्हे हक दिया कुछ भी हो है तो मेरा अंत वो शुरु भी मुझसे ख़तम भी मुझसे तभी तो मेरा वो अंत हुआ अंत में ही सिमट जो जयो तुम तो वो भी ना तुम्हारा अंत हुआ अंत को ना तुम अंत मनो अंत ही तो शुरुवात है अंत में ही अंत है अंत की क्या बात है अंत